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रॉबर्ट किंग मर्टन

R.K मर्टन  (4 जुलाई 1910 - 23 फरवरी 2003) रॉबर्ट किंग मर्टन (जन्म- मेयेर रॉबर्ट स्कोलनिक) एक अमेरिकी समाजशास्त्री थे,जिन्हें आधुनिक समाजशास्त्र का संस्थापक पिता माना जाता है, और अपराध विज्ञान के उपक्षेत्र में एक प्रमुख योगदानकर्ता है। उन्होंने अपने जीवन के अधिकांश समय तक कोलंबिया विश्वविद्यालय में पढ़ाया, जहाँ उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का पद प्राप्त किया। 1994 में उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए और विज्ञान के समाजशास्त्र की स्थापना के लिए विज्ञान के राष्ट्रीय पदक से सम्मानित किया गया। मर्टन बहुत बड़े प्रकार्यवादी थे तथा इन्होने प्रकार्यवाद को नई दिशा दी।  मर्टन अमेरिकी समाजशास्त्र के दिग्गज समाजविज्ञानी सोरोकिन और पारसन्स के शिष्य रहे हैं तथा सुप्रसिद्ध पद्ध...

टाल्कॉट पारसन्स (Talcott Parsons)

टाल्कॉट पारसन्स ( Talcott Parsons ) (अमेरिकी समाजशास्त्री)  (1902 - 1979) जीवन परिचय - आधुनिक अमेरिकी समाजशास्त्रियों में टालकॉट पार्सन्स की गणना एक दिग्गज सिद्धांतकार के रूप में की जाती है। उन्होंने सिद्धांत रचना की पारसन्सवादी शैली का प्रारम्भ कर समाजशास्त्र को एक नई दिशा प्रदान की। पारसन्स  ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी समाजशास्त्र पर गहरा प्रभाव अंकित किया और अपनी ढेर सारी समाजशास्त्रीय कृतियों के साथ विश्व के समाजशास्त्रीय पटल पर छा गए।पारसन्स के सिद्धांत और समाजशास्त्रीय अवधारणाएं 1970 तक समाजशास्त्रीय जगत में आकर्षण का केन्द्र बने रहे। पारसन्स बहुत बड़े प्रकार्यवादी थे और इन्होने प्रकार्यवाद को बीसवीं शताब्दी की सबसे सशक्त विचारधारा बना दिया।   पारसन्स मैक्स वेबर के शिष्य थे और उनसे बहुत अधिक प्रभावित थे। इन्हो...

मैक्स वेबर

मैक्स वेबर (1864 -1920)- जर्मनी  मैक्स वेबर एक जर्मन समाजशास्त्री थे।  मैक्स वेबर को आधुनिक समाजशास्त्र का दूसरा संस्थापक माना जाता है क्योंकि ये भी समाजशास्त्र को विज्ञान बनाना चाहते थे। दुर्खीम सहित मैक्स वेबर को आधुनिक समाजशास्त्र को एक विशिष्ट सामाजिक विज्ञान के रूप में प्रतिष्ठित करने वाला प्रवर्तक समाजशास्त्री माना जाता है।जहाँ दुर्खीम ने समाजशास्त्र को तत्कालीन प्रत्यक्षात्मक विज्ञान के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया ,वहां वेबर ने समाजशास्त्र को एक व्याख्यात्मक और अंतर्निरीक्षणात्मक विज्ञान बनाने पर बल दिया।  मैक्स वेबर को मार्क्स का भूत कहा जाता है क्योंकि ये मार्क्स के विचारों से बहुत ज्यादा प्रभावित थे तथा जीवनपर्यन्त मार्क्स के विचारों से द्वंद्व करते रहे। मैक्स वेबर के सभी सिद्धांतों में मार्क्स की झलक दिखलाई पड़ती है। इनकी सभी कृत...

कार्ल मार्क्स

कार्ल मार्क्स    (5 May 1818 – 14 March 1883) जन्म - जर्मनी  में  हुआ  प्रभाव- मार्क्स के जीवन पर सर्वाधिक प्रभाव हीगल ,फ्यूरोबैक तथा एडम स्मिथ एवं रेकार्डो का रहा है।        " मार्क्स धर्मनिरपेक्ष,मानवतावादी और नैतिक सिद्धांतो में आस्था रखने वाले एक महान चिंतक थे। उन्हें किसी विषय सीमा के अंतर्गत रखना उनके व्यक्तित्व के साथ नाइंसाफी होगी।"      उन्होंने धर्म को राजनीतिक धोखाधड़ी ,जालसाजी और पूंजीपतियों द्वारा शोषण का  हथियार माना है। उन्होंने धर्म को अफीम की  संज्ञा दी है  जिसे समय -समय पर पूंजीपतियों द्वारा गरीबों को दिया जाता है ताकि वे उनके खिलाफ आवाज न उठाये और क्रांति न करें। मार्क्स मानव स्वतंत्रता के पुरजोर समर्थक थे। उनके सोच समझ का समस्त आधार ...

एमाइल दुर्खीम

एमाइल दुर्खीम- (1858 -1917 ) जन्म -फ्रांस में हुआ था  एमाइल दुर्खीम  एक फ्रांसीसी समाजशास्त्री थे। उन्होंने औपचारिक रूप से समाजशास्त्र के अकादमिक अनुशासन की स्थापना की - और कार्ल मार्क्स और मैक्स वेबर के साथ-आमतौर पर आधुनिक सामाजिक विज्ञान के प्रमुख वास्तुकार के रूप में उद्धृत हुए। एमाइल दुर्खीम  को आधुनिक समाजशास्त्र का पिता कहा जाता है। इन्हे  आगस्त काम्टे  का उत्तराधिकारी भी कहा जाता है क्योंकि इनके ऊपर कोम्टे के प्रत्यक्षवाद का काफी प्रभाव था, इन्होने समाजशास्त्र की विषय वस्तु को स्पष्ट करने के साथ ही इसे एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त विज्ञान के रूप में विकसित किया।  दुर्खीम को पहला अकादमिक समाजशास्त्री माना जाता है। एमाइल दुर्खीम  के अधिकांश कार्यों का संबंध यह था कि कैसे समाज आधुनिकता में अपनी अखंडता और सुसंगतता को बनाए रख सकता है, एक ऐसा युग जि...